Root Canal या दांत निकलवाना: डेंटिस्ट कैसे तय करते हैं
आप डेंटिस्ट की कुर्सी पर बैठे हैं। X-ray स्क्रीन पर लगा है। एक बुरी तरह ख़राब दांत दिख रहा है, और बात दो विकल्पों पर आ जाती है: root canal से बचाना, या निकाल देना।
क्लिनिक में यह फ़ैसला रोज़ होता है। और अंधाधुंध नहीं होता।
बुनियादी सवाल: क्या यह दांत बचाया जा सकता है?
“बचाना चाहिए या नहीं” नहीं, बल्कि “बचाया जा सकता है या नहीं?” काम करने लायक़ पर्याप्त दांत बचा है? जड़ ठीक है? आसपास की हड्डी मज़बूत है?
अगर जवाब हां है, तो root canal आमतौर पर पहली पसंद होती है। असली दांत की जड़ और हड्डी के बीच एक ligament होता है जो कोई implant या bridge नहीं दे सकता। वो दबाव को क़ुदरती तरीके से महसूस करता है, और हड्डी को स्वस्थ रखता है। जब मुमकिन हो, अपना दांत बचाना बेहतर है।
अगर जड़ में दरार है, सड़न मसूड़े की लाइन से बहुत नीचे चली गई है, या आसपास की हड्डी बहुत कमज़ोर हो चुकी है, तो बचाना मुमकिन नहीं। ऐसे में दांत निकालना ही बेहतर विकल्प बन जाता है।
Root canal में असल में होता क्या है
नाम सुनकर जितना डर लगता है, प्रक्रिया उतनी बुरी नहीं होती।
Local anaesthesia से उस हिस्से को सुन्न किया जाता है। फिर दांत के ऊपर एक छोटा सा छेद, अंदर का इन्फ़ेक्टेड हिस्सा (pulp और nerve) निकाला जाता है, canal system साफ़ होता है, और एक ख़ास material से भर दिया जाता है। फिर छेद बंद।
सामने के दांत आसान होते हैं, एक canal। दाढ़ में तीन-चार canal होती हैं, वक़्त ज़्यादा लगता है। ज़्यादातर root canal एक या दो बार में हो जाते हैं।
प्रक्रिया के बाद दांत वहीं रहता है लेकिन अंदर nerve नहीं होती। आप उससे चबाते हैं, वो अपनी जगह पर रहता है, बाहर से वैसा ही दिखता है। आमतौर पर उस पर cap (crown) लगाई जाती है ताकि टूटे नहीं, क्योंकि बिना nerve वाला दांत धीरे-धीरे कमज़ोर होता जाता है।
दांत निकलवाने में क्या होता है
सुन्न किया जाता है, ढीला किया जाता है, निकाल लिया जाता है। साधारण extraction (दांत पूरा बाहर है, टूटा नहीं) में 15 से 30 मिनट लगते हैं। Surgical extraction (दांत टूटा हुआ, फंसा हुआ, या जड़ें टेढ़ी) में ज़्यादा समय।
दांत निकलने के बाद वो जगह कुछ हफ़्तों में भरती है। जहां दांत था, वहां खाली जगह रहेगी। अगर वो चबाने के लिए या दिखने में काम आने वाला दांत है (और ज़्यादातर दांत ऐसे ही होते हैं), तो उस जगह dental implant, bridge, या denture लगवाना पड़ेगा।
मैंने देखा है कि लोग यह हिस्सा पहले से नहीं सोचते। दांत निकलवाना root canal से सस्ता लग सकता है। लेकिन नया दांत लगवाने का ख़र्चा जोड़ लें तो बात बदल जाती है।
फ़ैसला कैसे होता है
डेंटिस्ट कई चीज़ें देखते हैं।
दांत कितना बचा है। कैविटी बड़ी है लेकिन दीवारें मज़बूत हैं और जड़ अच्छी है, तो बचाया जा सकता है। दांत मसूड़े की लाइन तक टूट चुका है और ऊपर लगभग कुछ बचा नहीं, तो root canal करके भी बचाना मुश्किल है।
जड़ की हालत। जड़ में दरार होना आमतौर पर बात ख़त्म कर देता है। लंबवत (vertical) fracture हो तो दांत निकालना ही पड़ेगा। टूटी हुई जड़ ठीक करने का कोई भरोसेमंद तरीका नहीं।
हड्डी का सहारा। इन्फ़ेक्शन या मसूड़ों की बीमारी से दांत के आसपास की हड्डी कमज़ोर हो चुकी है, तो दांत इतना स्थिर नहीं रहता कि बचाया जा सके।
दांत कौन सा है। सामने का दांत बचाने का फ़ायदा साफ़ दिखता है, दिखता है। दाढ़ बचाना चबाने के लिए ज़रूरी है। अक्ल दाढ़ जो तकलीफ़ दे रही हो, उसे लगभग हमेशा निकाला जाता है, इलाज नहीं किया जाता, क्योंकि उसे बदलने की ज़रूरत नहीं पड़ती।
और फिर आपकी पसंद भी होती है। कुछ मरीज़ निकलवाकर नया लगवाना पसंद करते हैं। कुछ अपना असली दांत जब तक हो सके बचाना चाहते हैं। दोनों सही हैं।
ख़र्चा कितना आता है
Root canal (और उसके बाद लगने वाली cap) साधारण extraction से ज़्यादा महंगा होता है। यह मुज़फ़्फ़रनगर में भी सच है और हर जगह भी।
लेकिन दांत निकलवाना और फिर नया दांत (implant या bridge) लगवाना, अक्सर root canal और cap से भी ज़्यादा महंगा पड़ता है। Implant में कुछ महीने लगते हैं, bridge के लिए बगल के दांत तैयार करने पड़ते हैं, denture में adjustment लगता है। समय और पैसा दोनों जोड़ना पड़ता है।
डेंटिस्ट से दोनों रास्तों की पूरी लागत पूछें। सिर्फ़ प्रक्रिया की नहीं, बल्कि उसके बाद जो कुछ भी करना पड़ेगा, सब मिलाकर।
“मेरे दोस्त ने बताया कि root canal में बहुत दर्द होता है”
पंद्रह साल पहले शायद होता था।
आज root canal का इलाज काफ़ी बदल चुका है। Anaesthesia देकर होता है, करते वक़्त कुछ महसूस नहीं होता। बाद में कुछ दिन हल्की सी चुभन रहती है, फिलिंग के बाद जैसी। ज़्यादातर मरीज़ कहते हैं कि जिस दांत दर्द की वजह से वो आए थे, वो root canal से कहीं ज़्यादा बुरा था।
अगर इस डर की वजह से टाल रहे हैं, तो जान लीजिए कि यह पुरानी बात हो चुकी है।
अगर दोनों में से कुछ न करवाएं तो
क्लिनिक में ऐसे बहुत मरीज़ आते हैं। दांत में दर्द हुआ, painkiller ली, कुछ दिन में दर्द गया, सोचा बाद में देखेंगे।
दर्द जाने का मतलब समस्या ख़त्म होना नहीं। आमतौर पर इसका मतलब है कि nerve मर चुकी है। इन्फ़ेक्शन अभी भी वहीं बैठा है, हड्डी में। और वो वापस आएगा. आमतौर पर सूजन, ज़्यादा तेज़ इन्फ़ेक्शन, या बगल के दांतों को नुकसान के साथ।
इंतज़ार करने से चीज़ें न आसान होती हैं, न सस्ती।
तो कौन सा करवाएं?
दांत बचाया जा सकता है, तो बचाना लंबे समय के लिए बेहतर है। नहीं बचाया जा सकता, तो सही तरीके से निकलवाना और अच्छा नया दांत लगवाना भी अच्छा काम करता है।
बस इंतज़ार मत करें। जो दांत तीन महीने पहले root canal से बच सकता था, आज शायद सिर्फ़ निकलवाया जा सके। जितना देर, उतने कम विकल्प।
हम क्लिनिक में root canal और दांत निकालना दोनों करते हैं। दिखाने आइए, आपके दांत के लिए क्या सही है वो बता सकते हैं।
Frequently asked questions
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क्या root canal, दांत निकलवाने से ज़्यादा दर्दनाक होता है?
दोनों में से कोई भी प्रक्रिया के दौरान दर्द नहीं होना चाहिए। दोनों local anaesthesia देकर किए जाते हैं। दांत निकलवाने के बाद रिकवरी कभी-कभी ज़्यादा मुश्किल होती है क्योंकि घाव भरना होता है। Root canal के बाद रिकवरी आमतौर पर आसान होती है।
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Root canal का ख़र्चा दांत निकलवाने से कितना ज़्यादा होता है?
Root canal, साधारण extraction से ज़्यादा महंगा होता है। लेकिन दांत निकलवाने के बाद नया दांत (implant, bridge, या denture) लगवाना पड़ता है, जिसका ख़र्चा अलग से जुड़ता है। डेंटिस्ट दोनों विकल्पों की पूरी लागत बता सकते हैं।
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क्या सिर्फ़ antibiotics लेने से काम चल जाएगा?
Antibiotics अकेले इन्फ़ेक्टेड दांत के अंदर की समस्या ठीक नहीं कर सकतीं। सही इलाज ज़रूरी है।
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Root canal में कितना समय लगता है?
आमतौर पर एक से दो बार आना पड़ता है। यह इस पर निर्भर करता है कि कौन सा दांत है और जड़ें कितनी जटिल हैं।
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अगर कुछ न करवाएं तो क्या होगा?
इन्फ़ेक्शन रहता है और आमतौर पर बढ़ता जाता है। यह हड्डी तक फैल सकता है, फोड़ा (abscess) बन सकता है, और सूजन व दर्द और बढ़ सकता है। आख़िर में दांत बचाना नामुमकिन हो सकता है।
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Root canal के बाद दांत पर cap लगानी पड़ेगी?
ज़्यादातर मामलों में हां। Root canal के बाद दांत समय के साथ कमज़ोर हो जाता है। Cap (crown) उसे टूटने से बचाती है।