रात में दांत पीसना (Bruxism): डेंटिस्ट क्या देखते हैं और इलाज कैसे होता है

रात में दांत पीसना (Bruxism): डेंटिस्ट क्या देखते हैं और इलाज कैसे होता है

क्लिनिक में ऐसे बहुत मरीज़ आते हैं जिन्हें अंदाज़ा भी नहीं होता कि वो रात में दांत पीसते हैं। नींद में तो पता चलता नहीं। पता तब चलता है जब मैं चेक-अप में बताता हूँ कि दांत घिस रहे हैं, या जब बिना किसी वजह के सिरदर्द और जबड़े में दर्द रोज़ की बात हो जाती है।

दांत पीसना (मेडिकल भाषा में bruxism) बहुत आम है। और चूँकि यह नींद में होता है, महीनों-सालों तक चलता रहता है बिना किसी को भनक लगे।

डेंटिस्ट इसे कैसे पहचानते हैं

मरीज़ यह कहकर नहीं आते कि “मुझे लगता है मैं दांत पीसता हूँ।” वो किसी और वजह से आते हैं. चेक-अप, टूटा दांत, जबड़े में दर्द. और जाँच करते वक़्त निशानियाँ दिख जाती हैं।

मुँह में क्या दिखता है:

  • सामने के दांतों के किनारे सपाट और बराबर हो जाते हैं, जैसे किसी ने रेती से घिसा हो। पीछे के दांतों की प्राकृतिक उभार ग़ायब।
  • दांत पीसने में सामान्य चबाने से कहीं ज़्यादा ज़ोर लगता है। दांत या पुरानी फिलिंग इस दबाव में टूट सकती हैं।
  • Enamel पतला होता जाता है, नीचे की dentin परत खुल जाती है, और गर्म-ठंडे से सेंसिटिविटी शुरू हो जाती है।
  • जबड़े के दोनों तरफ़ की मांसपेशियाँ तनी हुई या दर्द करती महसूस होती हैं। कुछ मरीज़ों को सुबह जबड़ा थका हुआ लगता है।

नुकीले कैनाइन दांत सपाट हो जाना, यह सबसे साफ़ निशानियों में से एक है। मैं अक्सर देखता हूँ कि मरीज़ को ख़ुद पता नहीं होता, लेकिन रूटीन चेक-अप में यह तुरंत दिख जाता है।

वजह क्या होती है

सच बात तो यह है कि तनाव सबसे बड़ा कारण है। काम का प्रेशर, घर में टेंशन, पैसों की चिंता. ऐसे लोगों में दांत पीसना ज़्यादा दिखता है। दिन में भी बिना जाने जबड़ा भींचते रहते हैं।

और क्या-क्या भूमिका निभाता है:

  • जिनकी नींद ठीक से नहीं आती या sleep apnea है, उनमें यह ज़्यादा होता है
  • ऊपर-नीचे के दांत सही से नहीं मिलते तो जबड़ा नींद में आरामदायक पोज़िशन ढूँढता रहता है, जिससे पीसना शुरू हो जाता है
  • दिन में पेन, बर्फ़, या सख़्त चीज़ें चबाने की आदत जबड़े की मांसपेशियों को भींचने के पैटर्न में ढाल देती है
  • कैफ़ीन और शराब दोनों का रात में दांत पीसने से संबंध पाया गया है

कभी-कभी कोई एक साफ़ वजह निकलती ही नहीं। बस होता रहता है।

समय के साथ क्या नुकसान होता है

दांत पीसने की सबसे बड़ी दिक़्क़त? यह धीरे-धीरे होता है। आपको नुकसान बढ़ते हुए पता ही नहीं चलता।

महीनों और सालों में:

  • Enamel घिसकर dentin तक पहुँच जाता है, सेंसिटिविटी आती है और कैविटी का ख़तरा बढ़ जाता है
  • दांत टूट सकते हैं, पुरानी फिलिंग या क्राउन ख़राब हो सकते हैं
  • जबड़े में लगातार दर्द और अकड़न (TMJ की समस्या)
  • सुबह-सुबह सिरदर्द
  • दांतों की शक्ल बदलना, जिससे चेहरा भी अलग दिखने लगता है

सबसे ज़्यादा असर सामने के दांतों और दाढ़ों पर पड़ता है क्योंकि पीसते समय इन पर सबसे ज़्यादा ज़ोर आता है।

इलाज कैसे होता है

Night guard

सबसे आम इलाज। दांतों का impression लेकर एक कस्टम-फिट गार्ड बनाया जाता है, एक पतली प्लास्टिक ट्रे जो ऊपर या नीचे के दांतों पर बैठती है। सोते वक़्त पहनना होता है।

गार्ड दांत पीसना बंद नहीं करता। लेकिन ऊपर-नीचे के दांतों के बीच एक परत बन जाती है, तो पीसने से दांतों को नुकसान नहीं पहुँचता। जबड़े की मांसपेशियों पर दबाव भी कम होता है।

एक बात कहूँगा: मेडिकल स्टोर से मिलने वाले गार्ड सस्ते तो होते हैं, लेकिन ठीक से फिट नहीं होते। कभी-कभी समस्या और बढ़ा देते हैं। डेंटिस्ट से बना कस्टम गार्ड सही फिट होता है और पहनने में आरामदायक रहता है।

नुकसान को ठीक करना

अगर दांत पहले ही घिस गए हैं या टूट गए हैं, तो उस नुकसान का अलग से इलाज होता है:

  • घिसे हुए दांतों पर क्राउन या bonding से शक्ल वापस लाई जा सकती है
  • टूटे दांतों पर क्राउन, और अगर दरार गहरी है तो root canal
  • टूटी हुई फिलिंग बदलनी पड़ती है
  • सामने के सपाट हो चुके दांतों की दिखावट cosmetic dentistry से सुधारी जा सकती है

Night guard आगे का नुकसान रोकता है। पहले से हुए नुकसान का इलाज अलग से होता है।

आदत को काबू करना

तनाव एक बड़ी वजह है तो तनाव कम करने से फ़ायदा होता है। मैं ध्यान लगाने का नुस्ख़ा तो नहीं दे सकता, लेकिन इस कनेक्शन को समझना फ़ायदेमंद है।

दिन में ध्यान दें: काम करते, गाड़ी चलाते, या फ़ोन देखते वक़्त कहीं जबड़ा भींच तो नहीं रहे? अगर ऐसा लगे तो जबड़ा ढीला छोड़ दें. दांत हल्के से अलग, ज़बान तालू पर।

अगर दांत सही से नहीं मिलते और इससे समस्या बढ़ रही है, तो orthodontic इलाज भी एक option है।

ये बातें डेंटिस्ट को बताएँ

अगर आपको इनमें से कुछ भी हो रहा है, तो अगली विज़िट में बताएँ:

  • सुबह उठने पर जबड़े में दर्द या अकड़न
  • सुबह सिरदर्द, ख़ासकर कनपटी के आसपास
  • साथी ने बताया हो कि रात में पीसने की आवाज़ आती है
  • दांत पहले से छोटे या सपाट दिखने लगे हों
  • बिना वजह दांत टूटा या उसमें दरार आई हो

जाँच करके पता चल जाएगा कि दांत पीसना वजह है या कुछ और, और उसके हिसाब से इलाज तय होगा।


जबड़े में दर्द हो या दांत घिसते दिख रहे हों, एक बार चेक-अप करा लें। गर्ग डेंटल क्लिनिक, मुज़फ़्फ़रनगर।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

  1. मुझे कैसे पता चलेगा कि मैं रात में दांत पीसता/पीसती हूँ?

    ज़्यादातर लोगों को तब तक पता नहीं चलता जब तक डेंटिस्ट निशानियाँ न देख लें: घिसे हुए दांत, सपाट किनारे, या दरारें। बाकी संकेत हैं, सुबह उठते ही जबड़े में दर्द या सिरदर्द, या फिर आपके साथी ने रात में पीसने की आवाज़ सुनी हो।

  2. दांत पीसने की वजह क्या होती है?

    तनाव और चिंता सबसे बड़ी वजह हैं। टेढ़े-मेढ़े दांत, नींद की समस्या, और कुछ आदतें भी इसमें भूमिका निभा सकती हैं। अक्सर कोई एक साफ़ वजह नहीं होती।

  3. क्या दांत पीसने से दांतों को नुकसान होता है?

    हाँ। समय के साथ दांत पीसने से enamel घिसता है, दांतों की ऊपरी सतह सपाट हो जाती है, फिलिंग में दरार आ सकती है, और दांत टूट भी सकते हैं। नुकसान धीरे-धीरे बढ़ता है, इसलिए बहुत लोगों को तब तक पता नहीं चलता जब तक काफ़ी नुकसान न हो जाए।

  4. Night guard क्या होता है?

    यह एक कस्टम बना हुआ प्लास्टिक का गार्ड होता है जो आपके दांतों पर फिट होता है और सोते समय पहना जाता है। यह दांत पीसने की आदत नहीं रोकता, लेकिन दांतों को नुकसान से बचाता है।

  5. क्या बच्चे भी दांत पीसते हैं?

    हाँ, बच्चों में यह काफ़ी आम है। बहुत से बच्चे बड़े होने पर इससे बाहर आ जाते हैं। अगर आपका बच्चा दांत पीसता है और दांत घिस रहे हैं या दर्द हो रहा है, तो डेंटिस्ट को बताएँ।

  6. क्या दांत पीसने का कोई पक्का इलाज है?

    ऐसा कोई एक इलाज नहीं है जो सबके लिए काम करे। तनाव कम करना, night guard पहनना, और दांतों की कोई भी अंदरूनी समस्या का इलाज करना, ये सब मिलकर इसे कंट्रोल करते हैं। आपके डेंटिस्ट बता सकते हैं कि आपके लिए क्या सही रहेगा।