दांत सफ़ेद करना (Teeth Whitening): क्या काम करता है, क्या नहीं, और शुरू करने से पहले क्या जानना ज़रूरी है

दांत सफ़ेद करना (Teeth Whitening): क्या काम करता है, क्या नहीं, और शुरू करने से पहले क्या जानना ज़रूरी है

मरीज़ सबसे ज़्यादा किस बारे में पूछते हैं? दांतों का रंग। “डॉक्टर, दांत पीले क्यों हो रहे हैं?” यह सवाल हफ़्ते में कई बार सुनता हूँ।

सच यह है कि दांतों का रंग बदलना बिलकुल natural है। चाय, कॉफ़ी, तम्बाकू, कुछ खाने की चीज़ें, और बस उम्र बढ़ना. सबका असर पड़ता है। सबके साथ होता है।

बाज़ार में whitening के बहुत सारे विकल्प हैं. कुछ professional, कुछ over-the-counter, कुछ जो बड़े-बड़े दावे करते हैं। तो चलिए सीधी बात करते हैं कि कौन सा तरीक़ा असल में क्या करता है।

क्लिनिक में professional whitening

यह डेंटल क्लिनिक में डेंटिस्ट की देखरेख में होती है।

प्रोसेस सीधा है: दांतों पर एक तेज़ whitening जेल लगता है, कभी-कभी activate करने के लिए स्पेशल लाइट भी इस्तेमाल होती है। एक ही विज़िट में हो जाता है। मसूड़ों की सुरक्षा पूरे समय रहती है।

नतीजे तुरंत दिखते हैं। एक बैठक में दांत कई शेड हल्के हो सकते हैं।

बाद में एक-दो दिन हल्की सेंसिटिविटी हो सकती है, यह सामान्य है और अपने आप ठीक होती है। अगर प्रक्रिया के दौरान तकलीफ़ हो तो तीव्रता कम कर दी जाती है। क्लिनिक whitening सबसे महँगा विकल्प है, लेकिन सबसे तेज़ और सबसे नियंत्रित भी।

डेंटिस्ट से मिलने वाली घर पर इस्तेमाल की ट्रे

बीच का रास्ता।

आपके दांतों के impression से कस्टम ट्रे बनती हैं। साथ में professional-grade whitening जेल मिलता है जो घर पर इस्तेमाल करना होता है। जेल की तीव्रता और शेड्यूल डेंटिस्ट दांतों के हिसाब से तय करते हैं।

नतीजे धीरे-धीरे आते हैं, लेकिन कस्टम ट्रे होने की वजह से जेल दांतों पर बराबर बैठता है। बाज़ार के एक-साइज़-फिट-ऑल प्रोडक्ट से कहीं बेहतर।

इसमें नियमित रहना पड़ता है। ट्रे को बताए गए तरीक़े से पूरे कोर्स तक लगाएँ। बहुत लोगों में नतीजे क्लिनिक वाली whitening जैसे ही आते हैं, बस वक़्त थोड़ा ज़्यादा लगता है। सेंसिटिविटी हो तो जेल की तीव्रता कम हो सकती है।

बाज़ार में मिलने वाले whitening प्रोडक्ट

Whitening strips, whitening toothpaste, rinse. यह सब मेडिकल स्टोर पर मिल जाते हैं।

इनमें whitening agents कम मात्रा में होते हैं professional इलाज की तुलना में। Strips सीधे दांतों पर एक तय समय के लिए लगाई जाती हैं। Whitening toothpaste हल्के abrasives या chemicals से सतह के दाग़ पर काम करती हैं।

सतह के दाग़ों में ये मदद कर सकते हैं, जैसे चाय-कॉफ़ी वाले दाग़। गहरे रंग बदलाव या सालों से जमे दाग़ों पर? उतने असरदार नहीं।

ये प्रोडक्ट professional इलाज के बीच में maintain करने के लिए ठीक हैं, लेकिन क्लिनिक वाले विकल्पों जितना बदलाव नहीं ला पाते। सेंसिटिव दांत हैं तो नियमित इस्तेमाल से पहले डेंटिस्ट से पूछ लें।

नतीजे कितने दिन टिकते हैं

यह लगभग पूरी तरह आपकी आदतों पर है। रोज़ ब्लैक कॉफ़ी और धूम्रपान? जल्दी फीका पड़ेगा। ये नहीं करते? ज़्यादा दिन चलेगा।

  • हर इंसान में टिकने का समय अलग होता है
  • दाग़ लगाने वाली चीज़ें कम करने से नतीजे लंबे चलते हैं
  • बीच-बीच में touch-up (क्लिनिक में या ट्रे से) काम करता है
  • रोज़ाना ठीक से ब्रश और floss करने से साफ़ फ़र्क़ दिखता है

मैं मरीज़ों को उनकी जीवनशैली के हिसाब से maintenance प्लान बता देता हूँ।

Whitening किसके लिए सही है

Whitening प्राकृतिक दांतों के enamel पर काम करती है। कुछ बातें:

  • क्राउन, veneers, और फिलिंग का रंग whitening से नहीं बदलता। सामने दिखने वाले दांतों पर डेंटल काम हुआ है तो पहले बात करें, वरना रंग मैच नहीं करेगा।
  • बच्चों पर whitening नहीं की जाती।
  • कैविटी या मसूड़ों की बीमारी है तो पहले उसका इलाज होगा।
  • दांत पहले से सेंसिटिव हैं तो ऐसा तरीक़ा चुना जाता है जो इसे ध्यान में रखे।

सबसे अच्छी शुरुआत? एक बार दांत दिखा दें। मैं देखकर बताऊँगा कि असल में क्या मुमकिन है और कौन सा तरीक़ा सही रहेगा।

“तुरंत सफ़ेद दांत” वाले प्रोडक्ट पर एक बात

सोशल मीडिया पर चारकोल पाउडर, UV लाइट डिवाइस, whitening पेन, सब दिख जाते हैं। कुछ शायद कुछ हद तक काम करें। बाक़ी सिर्फ़ मार्केटिंग है।

ऑनलाइन मिली किसी चीज़ को आज़माने से पहले एक बार पूछ लें। दिन भर दांतों से ही काम करता हूँ, बता सकता हूँ कि कोई चीज़ try करने लायक़ है या पैसे की बर्बादी।

अगर whitening के बारे में सोच रहे हैं तो एक consultation ले लें। हम क्लिनिक में professional teeth whitening करते हैं, और ईमानदारी से बताएँगे कि आपके दांतों में कितना फ़र्क़ आ सकता है।

Frequently asked questions

  1. क्या दांत सफ़ेद करना सुरक्षित है?

    डेंटिस्ट की देखरेख में किया गया professional whitening सुरक्षित है और इस पर काफ़ी रिसर्च हो चुकी है। आपके डेंटिस्ट आपके केस के हिसाब से बात कर सकते हैं।

  2. मेरे दांत कितने सफ़ेद होंगे?

    यह दाग़ किस तरह के हैं, कौन सा तरीक़ा इस्तेमाल हो रहा है, और आपके दांत कैसे हैं, इस पर निर्भर करता है। डेंटिस्ट दांत देखकर सही अंदाज़ा बता सकते हैं।

  3. क्या whitening से enamel को नुकसान होता है?

    सही तरीक़े से इस्तेमाल किए गए professional प्रोडक्ट से enamel को नुकसान नहीं होता। बाज़ार में मिलने वाले प्रोडक्ट उनके निर्देश के अनुसार इस्तेमाल करें। अगर कोई शंका हो तो डेंटिस्ट से पूछ लें।

  4. दांत सफ़ेद करने में कितना ख़र्च आता है?

    यह तरीक़े पर निर्भर करता है। क्लिनिक में whitening सबसे महँगी होती है, घर पर इस्तेमाल होने वाली ट्रे बीच में आती हैं, और बाज़ार के प्रोडक्ट सबसे सस्ते होते हैं। क्लिनिक पर आकर सही क़ीमत जान सकते हैं।

  5. क्या फिलिंग या क्राउन होने पर भी दांत सफ़ेद करा सकते हैं?

    Whitening सिर्फ़ असली दांतों पर काम करती है, फिलिंग, क्राउन, या veneers पर नहीं। अगर सामने दिखने वाले दांतों पर डेंटल काम हुआ है, तो पहले डेंटिस्ट से बात करें ताकि रंग एक जैसा आए।

  6. दांतों पर दाग़ क्यों लगते हैं?

    मुख्य वजहें हैं: खाने-पीने की चीज़ें (चाय, कॉफ़ी, रेड वाइन, बेरीज़), तम्बाकू, उम्र बढ़ना, और कुछ दवाइयाँ। कुछ दाग़ सतह पर होते हैं, कुछ दांत के अंदर गहरे।